लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप - अगस्त 20, 2010 dhundoge to mere naam ki udaasi ab mil jaayegi unmeek umr, ek jid mein jo nigaahe usne churaayi thi mujhse...... Alok Mehta... लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
कुछ अपनी फितरत... कुछ तेरा कमाल भी... - जुलाई 12, 2012 मसरूफियत भी हैं.. और तेरा ख्याल भी.... कुछ अपनी फितरत... कुछ तेरा कमाल भी... आलोक मेहता.... और पढ़ें
अभी तो मंजिले बेहिसाब हैं.... - सितंबर 13, 2011 जिसे तुम मंजिल कहते हो... वो तो सिर्फ एक पडाव हैं.... कई हैं सफ़र फेरहिस्त में... अभी तो मंजिले बेहिसाब हैं.... आलोक मेहता... और पढ़ें
हसीं अब हसीं.. और हसीं ..... लगता हैं.... - जुलाई 24, 2012 एक बार लिखा था किसी के लिए कभी..... "ख्वाबो ख्यालो में हसीं खूब लगता था... बहुत आम सा लगा रूबरू मिल जाना तेरा..." मगर अब तुमसे मिल कर कहता हूँ.... "हर बार मिल कर इसके माने बदल देते हो.... हसीं अब हसीं.. और हसीं ..... लगता हैं.... " ...आलोक मेहता.... और पढ़ें
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