afsana karar diya लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप - नवंबर 30, 2010 mere kisse mein is tarah k mod aaye....jisne suna... ek afsana karar diya.......aalok mehta... लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ shephali22 जुलाई 2011 को 11:52 pm बजेलोग पढ़ रहे थे मेरी ज़िन्दगी एक कहानी की तरहजवाब देंहटाएंउत्तरजवाब देंटिप्पणी जोड़ेंज़्यादा लोड करें... एक टिप्पणी भेजें
कुछ अपनी फितरत... कुछ तेरा कमाल भी... - जुलाई 12, 2012 मसरूफियत भी हैं.. और तेरा ख्याल भी.... कुछ अपनी फितरत... कुछ तेरा कमाल भी... आलोक मेहता.... और पढ़ें
अभी तो मंजिले बेहिसाब हैं.... - सितंबर 13, 2011 जिसे तुम मंजिल कहते हो... वो तो सिर्फ एक पडाव हैं.... कई हैं सफ़र फेरहिस्त में... अभी तो मंजिले बेहिसाब हैं.... आलोक मेहता... और पढ़ें
हसीं अब हसीं.. और हसीं ..... लगता हैं.... - जुलाई 24, 2012 एक बार लिखा था किसी के लिए कभी..... "ख्वाबो ख्यालो में हसीं खूब लगता था... बहुत आम सा लगा रूबरू मिल जाना तेरा..." मगर अब तुमसे मिल कर कहता हूँ.... "हर बार मिल कर इसके माने बदल देते हो.... हसीं अब हसीं.. और हसीं ..... लगता हैं.... " ...आलोक मेहता.... और पढ़ें
लोग पढ़ रहे थे मेरी ज़िन्दगी
जवाब देंहटाएंएक कहानी की तरह