एक पल नहीं लगता लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप - नवंबर 17, 2011 अरसा लग जाता हैं उनसे मिलने मेंजिनसे मिलने में एक पल नहीं लगता......आलोक मेहता.. लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ Priyanka Vaishnav13 जनवरी 2012 को 12:31 am बजेVery Sarcastic.. :)जवाब देंहटाएंउत्तरजवाब देंdeewan-e-alok.blogspot.com13 जनवरी 2012 को 12:32 pm बजेyeah.. Kind of... but it happens you know... The people you jell along very well take a long time to come into ur life...जवाब देंहटाएंउत्तरजवाब देंटिप्पणी जोड़ेंज़्यादा लोड करें... एक टिप्पणी भेजें
कुछ अपनी फितरत... कुछ तेरा कमाल भी... - जुलाई 12, 2012 मसरूफियत भी हैं.. और तेरा ख्याल भी.... कुछ अपनी फितरत... कुछ तेरा कमाल भी... आलोक मेहता.... और पढ़ें
अभी तो मंजिले बेहिसाब हैं.... - सितंबर 13, 2011 जिसे तुम मंजिल कहते हो... वो तो सिर्फ एक पडाव हैं.... कई हैं सफ़र फेरहिस्त में... अभी तो मंजिले बेहिसाब हैं.... आलोक मेहता... और पढ़ें
हसीं अब हसीं.. और हसीं ..... लगता हैं.... - जुलाई 24, 2012 एक बार लिखा था किसी के लिए कभी..... "ख्वाबो ख्यालो में हसीं खूब लगता था... बहुत आम सा लगा रूबरू मिल जाना तेरा..." मगर अब तुमसे मिल कर कहता हूँ.... "हर बार मिल कर इसके माने बदल देते हो.... हसीं अब हसीं.. और हसीं ..... लगता हैं.... " ...आलोक मेहता.... और पढ़ें
Very Sarcastic.. :)
जवाब देंहटाएंyeah.. Kind of... but it happens you know... The people you jell along very well take a long time to come into ur life...
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