हर पल हैं उम्मीद... हर लम्हा एक 'काश' हैं.. लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप - मार्च 21, 2012 जीवन एक निरंतर सफ़र .. एक तलाश हैं.हर पल हैं उम्मीद... हर लम्हा एक 'काश' हैं....आलोक मेहता... लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ Unknown21 मार्च 2012 को 3:58 pm बजेबहुत खूब...जवाब देंहटाएंउत्तरdeewan-e-alok.blogspot.com3 अप्रैल 2012 को 11:05 am बजेShukriya Kumar...हटाएंउत्तरजवाब देंजवाब देंडॉ. जेन्नी शबनम3 अप्रैल 2012 को 12:15 am बजेआस और विश्वास से भाव, सुन्दर शेर, बधाई.जवाब देंहटाएंउत्तरdeewan-e-alok.blogspot.com3 अप्रैल 2012 को 11:24 am बजेजेन्नी जी... उत्साह बढ़ने के लिए बेहद शुक्रिया....हटाएंउत्तरजवाब देंजवाब देंMonika Jain6 अप्रैल 2012 को 2:04 pm बजेhmm bilkul sahi kaha..sundar shayriwelcome to माँ मुझे मत मारजवाब देंहटाएंउत्तरजवाब देंMahi S13 सितंबर 2012 को 12:31 pm बजेawsome...जवाब देंहटाएंउत्तरजवाब देंटिप्पणी जोड़ेंज़्यादा लोड करें... एक टिप्पणी भेजें
कुछ अपनी फितरत... कुछ तेरा कमाल भी... - जुलाई 12, 2012 मसरूफियत भी हैं.. और तेरा ख्याल भी.... कुछ अपनी फितरत... कुछ तेरा कमाल भी... आलोक मेहता.... और पढ़ें
अभी तो मंजिले बेहिसाब हैं.... - सितंबर 13, 2011 जिसे तुम मंजिल कहते हो... वो तो सिर्फ एक पडाव हैं.... कई हैं सफ़र फेरहिस्त में... अभी तो मंजिले बेहिसाब हैं.... आलोक मेहता... और पढ़ें
हसीं अब हसीं.. और हसीं ..... लगता हैं.... - जुलाई 24, 2012 एक बार लिखा था किसी के लिए कभी..... "ख्वाबो ख्यालो में हसीं खूब लगता था... बहुत आम सा लगा रूबरू मिल जाना तेरा..." मगर अब तुमसे मिल कर कहता हूँ.... "हर बार मिल कर इसके माने बदल देते हो.... हसीं अब हसीं.. और हसीं ..... लगता हैं.... " ...आलोक मेहता.... और पढ़ें
बहुत खूब...
जवाब देंहटाएंShukriya Kumar...
हटाएंआस और विश्वास से भाव, सुन्दर शेर, बधाई.
जवाब देंहटाएंजेन्नी जी... उत्साह बढ़ने के लिए बेहद शुक्रिया....
हटाएंhmm bilkul sahi kaha..sundar shayri
जवाब देंहटाएंwelcome to माँ मुझे मत मार
awsome...
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