बुधवार, 8 जुलाई 2009

वादा हैं .. मेरा.. कि.. मैं नहीं हारूँगा...

माना वक़्त नहीं.. और.. बाकी कई काम सही...
राह भी हैं.. लम्बी.. और.. ढलती ये शाम सही...
अंजाम से पहले ..खुद को.. ना ..नकारुंगा..
वादा हैं..मेरा.. कि.. मैं नहीं हारूँगा...

जीत के बनेंगी पायदान..चट्टानें मुश्किलों की ..
हिम्मतो से बदलूँगा..लकीरे इन हथेलियों की...
कि हस्ती.. अब अपनी..हर कीमत सवारूँगा
वादा हैं.. मेरा.. कि .. मैं नहीं हारूँगा...

चाहए कितनी ही स्याह.. मायूसी नजर आती हो...
हौसलों कि चांदनी चाहे.. मद्धम हुई जाती हो...
कर मजबूत खुद को.. वक़्त-ऐ-मुफलिसी गुजारूँगा...
वादा हैं .. मेरा.. कि.. मैं नहीं हारूँगा...

आफताब नहीं तो क्या..ऑंखें उम्मीद से रोशन हैं..
ज़माने को नहीं.. तो क्या.. मुझे भरोसा हरदम हैं...
पाउँगा मंजिल ख्वाबो की.. चाँद जमी उतारूंगा...
वादा हैं .. मेरा.. कि.. मैं नहीं हारूँगा...


हार हो या जीत..मेरी हस्ती कोई फर्क ना आ जायेगा
कि 'आलोक' हर हाल यार.. शख्स वही रह जाएगा...
इन फिजूल पैमाइशो पर अब.. खुद को ना उतारूंगा...
वादा हैं .. मेरा.. कि.. मैं नहीं हारूँगा...

आलोक मेहता..












mana waqt nahi aur baki kai kaam sahi
rah bhi hai lambi aur dhalti ye shaam sahi
anjaam se pehle khud ko na NAKARUNGA
wada hain mera ki main nahi HAARUNGA

dekhna jit k banen'gi paydaan chattane mushkilo ki
himaato se badulnga lakire in apni hatheliyo ki
ki hasti apni har kimat sawarunga
wada hain mera ki main nahi HAARUNGA

Chahe kitni hi syah ye maayusi najar aati ho
hauslo ki ye chandni chahe maddham hui jaati ho
khud ko karunga majbut ki waqt-e-muflisi yu gujaarunga
wada hain mera ki main nahi HAARUNGA

aftaab nahi to kya ankhen umeed se roshan hain
jamaane ko nahi to kya mujhe bharosa har_dam hai
khwabo ki manjil paunga jald hi, ki ye chand bhi ek din apni jami utaarunga
wada hain mera ki main nahi HAARUNGA


Is haar ya jeet meri hasti ka fark aa jaayega
ki 'alok' har haal shaks to wohi reh jaayega
in fijul paimaisho par khud ko na utaarunga
wada hain mera ki main nahi HAARUNGA

....AALOK MEHTA....

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