गुरुवार, 21 जनवरी 2010

tere intjaar mein poshida.. ek "kaash" hu main...
safar-e-jindagi hu.. kya.. fakat teri 'talash' hu main......


aalok mehta..


तेरे इन्तजार में पोशीदा............... एक 'काश' हूँ मैं...
सफ़र-ऐ-जिंदगी हूँ...क्या?, फकत तेरी तलाश हूँ मैं


...आलोक मेहता...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें